Irfan Pathan told what caused the career was ruined, was the Grag Chapel the real reason?

Irfan Pathan told what caused the career was ruined, was the Grag Chapel the real reason?


नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी इरफान पठान के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद लगातार एक विषय चर्चा का टॉपिक बना हुआ है कि आखिरकार उनके प्रदर्शन में गिरावट के पीछे किसका हाथ रहा। आज के समय में ज्यादातर खिलाड़ी क्रिकेट खेलना शुरु करते हैं तो उस दौर में इरफान पठान का करियर बुलंदियों पर था लेकिन तभी प्रदर्शन में ऐसी गिरावट हुई के वो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी नहीं कर सके।

देश के लिये मैच जीतने के बाद भी किया गया टीम से बाहर

शनिवार को संन्यास की घोषणा करने वाले इरफान पठान ने कहा था कि जिस उम्र में अधिकतर खिलाड़ी भारतीय टीम के साथ अपना करियर शुरु करते हैं मैंने उस उम्र में अपना आखिरी अतंर्राष्ट्रीय मैच खेला। उल्लेखनीय है कि इरफान पठान ने 27 साल की उम्र में (2012) में अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था।
इरफान पठान ने कहा कि ऐसा भी समय था जब लोगों ने उनके सभी तीनों फॉर्मेट में खेलने को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘लोग मेरे प्रदर्शन को लेकर बात करते हैं, लेकिन मेरा काम अलग तरह का था। मुझे रनों पर अंकुश लगाने का काम सौंपा गया था क्योंकि मैं पहले बदलाव के रूप में आता था। मुझे याद है कि श्रीलंका में 2008 में मैच जीतने के बाद मुझे बाहर कर दिया गया था। देश के लिए मैच जीतने के बाद बिना किसी वजह के किसी बाहर किया जाता है?'

काश! उस वक्त होती ऐसी मशीने तो नहीं डूबता करियर

पठान ने कहा, ‘दुर्भाग्य से तब हमारे पास वैसी मशीनें नहीं थीं जिससे स्पष्ट पता चल पाता कि मेरी पीठ दर्द का क्या कारण है। मैं दो साल तक पीठ दर्द से जूझता रहा और स्थिति बिगड़ती रही लेकिन मैंने रणजी ट्रोफी में खेलना नहीं छोड़ा।'
पठान ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी तरफ से पूरे प्रयास किए। पठान ने अपने पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा, ‘उस दौर में मेरी गति कम हो गयी थी क्योंकि मैं पूरी तरह से फिट नहीं था। मैं अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहा था क्योंकि मैं इस खेल को चाहता हूं। रणजी ट्रॉफी में बड़ौदा की अगुआई भी की। मैं देश की तरफ से खेलना चाह रहा था और टेस्ट क्रिकेट में वापसी करना चाहता था।'

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